| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | काटी घाटी और जयसमंद के बीच, अलवर जिले, राजस्थान में। |
| आकार | लगभग 100 हेक्टेयर भूमि में फैला हुआ। |
| वन्यजीव | 81 प्रजातियों के 400 जंगली जानवरों का घर, जिनमें शेर, चीते, बाघ और जिराफ शामिल हैं। |
| सुविधाएं | कई सफारी (शेर, बाघ, शाकाहारी), बटरफ्लाई पार्क, और आधुनिक पशु चिकित्सालय। |
| पशु स्थानांतरण | पूरे भारत के 25 चिड़ियाघरों से जानवरों को लाया जाएगा। |
| अनुमोदन स्थिति | विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार; केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार। |
राजस्थान अलवर में काटी घाटी और जयसमंद के बीच 100 हेक्टेयर में फैला एक जैविक उद्यान विकसित कर रहा है। पार्क में शेर, चीते, बाघ और जिराफ सहित 81 प्रजातियों के 400 जंगली जानवर होंगे। इसमें कई सफारी, एक बटरफ्लाई पार्क, एक हाई-टेक पशु बचाव केंद्र, और एक आधुनिक पशु चिकित्सालय होगा। जानवरों को पूरे भारत के 25 चिड़ियाघरों से स्थानांतरित किया जाएगा, और परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमोदन का इंतजार है। एक बार पूरा होने पर, यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पहला जैविक उद्यान होगा और इससे राजस्थान में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


