| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | लखनऊ को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत उत्तर प्रदेश का पहला शून्य ताजा कचरा डंप शहर घोषित किया गया। |
| दैनिक कचरा क्षमता | 2,100 मीट्रिक टन/दिन वैज्ञानिक प्रसंस्करण के माध्यम से प्रबंधित। |
| नई सुविधा | शिवरी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र (क्षमता: 700 मीट्रिक टन/दिन)। |
| अपशिष्ट पृथक्करण | जैविक (55%): खाद/बायोगैस। अजैविक (45%): पुनर्चक्रित या रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) में परिवर्तित। |
| RDF का उपयोग | सीमेंट, पेपर उद्योगों के लिए ईंधन। |
लखनऊ ने अपने नगरपालिका के ठोस कचरे (2,100 मीट्रिक टन/दिन) का 100% वैज्ञानिक प्रसंस्करण सुनिश्चित करके उत्तर प्रदेश के पहले शून्य ताजा कचरा डंप शहर का दर्जा हासिल किया है। नव संचालित शिवरी संयंत्र (700 मीट्रिक टन/दिन) और जैविक/अजैविक कचरे (खाद, बायोगैस, RDF) में पृथक्करण प्रमुख कदम हैं। कचरे से बिजली रूपांतरण को और अनुकूलित करने के लिए एक 15 मेगावाट WtE संयंत्र की योजना बनाई गई है।


